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सुमन सारस्वत के कहानी संग्रह ‘मादा’ पर परिचर्चा गोष्ठी

शिल्पायन एवं सम्यक न्यास के संयुक्त तत्वाधान में युवा कथाकार सुमन सारस्वत के कहानी संग्रह ‘मादा’ पर हिन्दी भवन, नई दिल्ली के संगोष्ठी कक्ष में, दि 24 नवम्बर 2012 को परिचर्चा गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी वरिष्ठ कथाकार एवं हंस’ के संपादक श्री राजेन्द्र यादव जी की अध्यक्षता में तथा वरिष्ठ पत्रकार व जनसत्ता के मुख्य संपादक ओम थानवी जी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। चर्चा में विशिष्ट अतिथि व वक्ता के रूप में श्रीमती अर्चना वर्मा, श्री सतीश पेडणेकर, सुश्री मनीषा पण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन युवा कथाकार विवेक मिश्र ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में सम्यक न्यास की ओर से वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

श्री राजेन्द्र यादव जी ने सुमन सारस्वत की कहानियों पर बोलते हुए कहा कि सुमन के पास अपने अनुभव के साथ एक विश्वस्नीय भाषा और एक पत्रकार के संपादन की शक्ति है। स्त्री जब भी लिखती है खुद को मुक्त करती है, पर उनकी कहानियाँ स्त्री विमर्श को लेकर लिखी कहानियों का दोहराव नहीं हैं। वे निर्भीक होकर लिखती हैं, बिना किसी लाग-लपेट के। उनके लेखन से तमाम पुराने मुल्यों की कलई उतरती है

ओम थानवी जी ने सुमन को बधाई देते हुए कहा कि हिन्दी लेखन को अपने चारों ओर बने हुए घेरे को तोड़ना चाहिए, जो सुमन के लेखन में दिखाई देता है।

अर्चना वर्मा जी ने सुमन की ‘मादा’ और ‘तिलचट्टा’ कहानी को स्त्री लेखन में एक मील का पत्थर कहानी बताया और कहा कि स्त्री विमर्श की चर्चा करना कोई अपराध नहीं, इसपर अभी खुलकर बात होनी चाहिए।

 भारत भारद्वाज व श्याम कश्यप के साथ संगम पाण्डेय, सविता दुबे, प्रेमचन्द सहजवाला, निखिल आनंद गिरी, रूपा सिंह, कुमार अनुपम, राहुल पाण्डेय, अमृता बेरा, ललित शर्मा, भरत तिवारी, ज्योति कुमारी, मज़कूर आलम

चर्चा में वरिष्ठ आलोचक भारत भारद्वाज व श्याम कश्यप के साथ संगम पाण्डेय, सविता दुबे, प्रेमचन्द सहजवाला, निखिल आनंद गिरी, रूपा सिंह, कुमार अनुपम, राहुल पाण्डेय, अमृता बेरा, ललित शर्मा, भरत तिवारी, ज्योति कुमारी, मज़कूर आलम आदि ने भी भाग लिया।

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One comment on “सुमन सारस्वत के कहानी संग्रह ‘मादा’ पर परिचर्चा गोष्ठी

  1. Suman Saraswat
    November 29, 2012

    Mumbai ki kahanikar se Delhi walo se parichay karane ki liye main aap sbhi ki aabhari hun, – Suman Saraswat

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